चैतन्य विज्ञान एवं कला महाविद्यालय, पामगढ़ में 12 अगस्त 2025 को राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस का आयोजन पुस्तकालय समिति द्वारा भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एस. आर. रंगनाथन की जयंती पर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. एन. डी. आर. चंद्रा (पूर्व कुलपति, बस्तर विश्वविद्यालय), विशिष्ट अतिथि डॉ. बी. के. पटेल (प्राचार्य, शासकीय महाविद्यालय नवागढ़) एवं विषय विशेषज्ञ डॉ. अंजनी सराफ (विभागाध्यक्ष, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, सी. वी. रमन विश्वविद्यालय) उपस्थित रहे।
अतिथियों ने पुस्तकालय की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि—
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डॉ. अंजनी सराफ: डॉ. रंगनाथन के बिना पुस्तकालय की कल्पना असंभव है; उनका जीवन संघर्ष और उपलब्धियों से प्रेरणादायक है।
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डॉ. बी. के. पटेल: पुस्तकालय किसी संस्था, समाज और देश की प्रगति का दर्पण है; विद्यार्थियों को मुद्रित सामग्रियाँ पढ़ने की आदत डालनी चाहिए।
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डॉ. एन. डी. आर. चंद्रा: पुस्तकालय ज्ञान के संचार-प्रसार का सशक्त माध्यम और वैचारिक-नवाचारी परिवर्तन का केंद्र है। उन्होंने सूचना के अतिरेक से बचने और पुस्तकों से प्राप्त विचारों को लिखित रूप में सुरक्षित रखने पर बल दिया।
अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए कहा गया कि पुस्तकालय विचारों का द्वार है और विद्यार्थियों को अधिक से अधिक अध्ययनशील होना चाहिए। कार्यक्रम में संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।